हरियाणे की डायरी: अनिल विज का गब्बर स्टाइल
Haryana Diary
हरियाणे की डायरी
सचित्र/संपादकीय पृष्ठ हेतु
* प्रस्तुति: चन्द्र शेखर धरणी
वरिष्ठ/स्वतंत्र पत्रकार
अनिल विज का गब्बर स्टाइल
हरियाणा के केबिनेट मंत्री अनिल विज ने आंदोलन कारी बिजलीकर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनके भाई के स्वास्थ्य में सुधार होने और सर्जरी पूरी होने के बाद, लगभग 15–20 दिनों के भीतर वह स्वयं कर्मचारियों को पत्र भेजकर बातचीत के लिए बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सामने बैठाकर मांगपत्र के प्रत्येक बिंदु पर खुली चर्चा की जाएगी।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "जो भी संभव होगा, वह ढंके की चोट पर करेंगे। रिस्क अलाउंस के विषय में भी मैं अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे चुका हूं।"विज की साफगोई और सहज व्यवहार ने देखते ही देखते पूरे माहौल को बदल दिया। कुछ ही मिनट पहले तक जो कर्मचारी "अनिल विज मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे, वही "अनिल विज जिंदाबाद" के नारे लगाने लगे। विरोध का वातावरण संवाद और विश्वास में बदल गया।अनिल विज का यह 'गब्बर स्टाइल' देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। जिस स्थान पर भारी विरोध, नारेबाजी और तनावपूर्ण माहौल हो, वहां किसी मंत्री का सुरक्षा घेरे की परवाह किए बिना पैदल प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच जाना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं था। लेकिन विज ने खतरे की परवाह नहीं की और सीधे कर्मचारियों के बीच जाकर संवाद का रास्ता चुना।शुक्रवार का यह घटनाक्रम हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहेगा। एक ओर मंत्री अपने बीमार भाई की चिंता में पीजीआई पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर हजारों नाराज कर्मचारियों के बीच जाकर उन्होंने संवाद, स्पष्टवादिता और भरोसे के बल पर विरोध का माहौल बदल दिया। यह दृश्य अनिल विज की उस राजनीतिक कार्यशैली का उदाहरण बन गया, जिसमें वे टकराव से बचने के बजाय सीधे लोगों के बीच जाकर बात करना अधिक उचित मानते हैं।
मनो का मिशन मैरिट
हरियाणा के मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए आयोजित हरियाणा सुपर-100 अभिनंदन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। दोनों नेताओं ने इसे हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और प्रतिभा का गौरवशाली क्षण बताते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2015 में उनकी सरकार ने शिक्षा में व्यापक सुधार का संकल्प लेते हुए "मेरिट को मिशन" बनाया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इसी सोच के तहत बिना खर्ची और बिना पर्ची के सरकारी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की गई, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर अवसर मिले।उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में सरकार ने योग्यता के आधार पर 18,218 सरकारी नौकरियां प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार और नवीन मिश्रा के सहयोग से शुरू की गई सुपर-100 योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी उपलब्ध कराना था।
मनोहर लाल ने कहा कि इस योजना के सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने हैं। अब तक 534 विद्यार्थियों ने आईआईटी और नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके माता-पिता तथा शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ये युवा आने वाले भारत के वैज्ञानिक, इंजीनियर, चिकित्सक और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
संजय दत्त की पहली बैठक
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) की जनरल बॉडी की महत्वपूर्ण बैठक 8 जुलाई, 2026 को चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित होगी। यह बैठक कई मायनों में राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी संजय दत्त पहली बार प्रदेश के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एक मंच से संबोधित करेंगे। पार्टी के भीतर इसे संगठन को नई दिशा देने और आगामी राजनीतिक रणनीति तय करने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।बैठक में संजय दत्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। हरियाणा कांग्रेस का प्रभार संभालने के बाद यह उनका पहला बड़ा संगठनात्मक कार्यक्रम होगा। ऐसे में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। माना जा रहा है कि बैठक में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होगी।
बैठक में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा, एआईसीसी के महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस कार्य समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा तथा एआईसीसी के सचिव एवं हरियाणा मामलों के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख पदाधिकारी, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता भी बैठक में भाग लेंगे।
डिजिटल इंडिया
आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि डिजिटल इंडिया आज विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में इस महत्वाकांक्षी अभियान ने देश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं की पहुंच को नई दिशा दी है।उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया ने गरीब, वंचित और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक तक सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य किया है। आज तकनीक के माध्यम से आम नागरिक को घर बैठे अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।मनोहर लाल ने कहा कि देशभर में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के व्यापक विस्तार ने गांवों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और ई-गवर्नेंस जैसी सुविधाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है। डिजिटल कनेक्टिविटी ने शहर और गांव के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दायरे ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दी है, बल्कि नकदी पर निर्भरता भी कम की है। इससे लेन-देन अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी हुआ है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया है। विभिन्न सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और लोगों को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
अमित शाह ने खत्म कराया 32 साल पुराना विवाद
तीन दशक से अधिक समय से कागजों में अटका यमुना जल बंटवारा समझौता आखिरकार धरातल पर उतरने जा रहा है। वर्ष 1994 में हुए ऐतिहासिक समझौते को जिस रूप में तत्कालीन कांग्रेस सरकार लागू नहीं करा सकी, उसे अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से अंतिम मंजिल मिल गई है। 29 जून को दिल्ली में अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर 32 वर्ष पुराने गतिरोध को समाप्त कर दिया।
यह समझौता केवल दो राज्यों के बीच जल बंटवारे का नहीं, बल्कि सहकारी संघवाद और राजनीतिक इच्छाशक्ति का भी बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। इससे राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और हरियाणा के कई जल संकटग्रस्त इलाकों में पेयजल की समस्या के समाधान का रास्ता खुल गया है।
1994 में हुआ था ऐतिहासिक समझौता12 मई 1994 को केंद्र सरकार की पहल पर हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने ऊपरी यमुना नदी के जल बंटवारे पर समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उसे भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया।इस समझौते के तहत राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज (तत्कालीन ताजेवाला हेड) से मानसून के दौरान 1917 क्यूसेक पानी देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन आवश्यक आधारभूत ढांचा नहीं बनने के कारण यह व्यवस्था कभी लागू नहीं हो सकी।
फीफा विश्व कप में भारत का तिरंगा लहराया अधिवक्ता रजत गौतम ने
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रजत गौतम ने फीफा विश्व कप के दौरान कनाडा के वैंकूवर में आयोजित एक रोमांचक फुटबॉल मुकाबले का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। उन्होंने स्टेडियम में भारत का तिरंगा लहराकर देश का गौरव बढ़ाया और भारतीय खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक संदेश भी दिया।रजत गौतम ने बताया कि उन्होंने बेल्जियम और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया शानदार मुकाबला देखा, जिसमें बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 के बड़े अंतर से पराजित किया। पूरे मैच के दौरान स्टेडियम में हजारों दर्शकों का उत्साह देखने लायक था। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के खेल, अनुशासन और तकनीक को करीब से देखना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।
भारत भी एक दिन फीफा विश्व कप खेले, यही सपना
रजत गौतम ने कहा कि फीफा विश्व कप में भारत का तिरंगा लेकर पहुंचना उनके लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, "मेरा सपना है कि भविष्य में भारत भी फीफा विश्व कप में खेले। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए खिलाड़ियों, खेल संस्थाओं, सरकार और पूरे देश को मिलकर मेहनत करनी होगी। यदि सही दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं तो यह सपना अवश्य साकार होगा।"उन्होंने युवाओं से फुटबॉल जैसे खेलों को अपनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए मेहनत करने का आह्वान किया।रजत गौतम ने बताया कि इस विशेष अवसर पर उनकी बहन और भांजा भी उनके साथ मौजूद थे। परिवार के साथ विश्व कप का रोमांच देखने और भारत का तिरंगा लहराने का अनुभव उनके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल रहेगा।उन्होंने कहा कि भारत में भी फुटबॉल के प्रति तेजी से रुचि बढ़ रही है और यदि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं तथा प्रशिक्षण मिले तो भारतीय फुटबॉल आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर नई पहचान बना सकता है।
हरियाणा में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में पहली बार हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 का आयोजन 12 से 15 नवंबर, 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 के आयोजन की घोषणा की थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा), रोहतक के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।बैठक मे आयोजन के सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी का गठन भी किया गया, जो आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रचार-प्रसार तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी।हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य एवं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी। इसमें देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
वीबी जीरामजी के तहत 318 प्रकार के कामों को किया जा सकेगा
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि 1 जुलाई को शुरू की गई वीबी जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। इस योजना में जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण संरचना, कृषि एवं आजीविका संबंधित कार्य, जलवायु परिवर्तन, अनुकूल एवं आपदा निम्नीकरण संबंधित कार्य, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार, कौशल विकास को शामिल किया गया है। इस तरह के 318 ऐसे काम हैं, जिनको वीबी जीरामजी के तहत किया जा सकता है। सभी कार्यों की लिस्ट विभाग के कार्यालयों में पहुंच गई हैं। इस योजना के तहत महिलाओं पर विशेष तौर से फोकस किया गया है। महिलाओं के लिए ट्रेनिंग कम स्किल डेवलपमेंट सेंटर और उनके कार्य संबंधी वर्क पर पैसा खर्च हो सकेगा। हरियाणा प्रदेश में लगभग 70 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में 5 लाख को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। करीब 3 लाख लखपति दीदी बन चुकी हैं।
संत कबीर कुटीर मे जुटे दिग्गज
पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के खांटी नेता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, ऊर्जा मंत्री अनिल विज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा और राज्यसभा सांसद सदस्य सतीश पूनिया ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर मुख्यमंत्री आवास मे मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की। उल्लेखनीय है सतीश पूनिया पहले हरियाणा भाजपा प्रभारी कार्यभार देख रहे थे। अब उन्हें पड़ोसी राज्य पंजाब की जिम्मेवारी दी है जहां आने वाले कुछ दिनों बाद विधानसभा चुनाव है। हालांकि सीएम नायब सैनी के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल वहां पर पहले से ही सक्रिय रूप से डटे हुए हैं।
जल्द ही आजादी के परवानों के जीवन गाथा जान सकेगा हर कोई
1857 की क्रांति मे शामिल हो देश पर जान बलिदान करने वाले वीर अमर शहीदों के लिए अंबाला कैंट मे बनाए जा रहे हैं। शहीदी स्मारक का कार्य अंतिम चरण में है। जिसे करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया है। कहा जा रहा है यह प्रोजेक्ट अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सूत्रों कि माने इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने की चर्चाएं जोरों पर हैं। ऐसी अटकलें इसलिए भी लगाई जा रही है क्योंकि पिछले दिनों में सीएम नायब सैनी भी अनिल विज के साथ यहां का दौरा कर चुके हैं।